- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- जादू-टोने के शक में...

शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अंधविश्वास से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सीधी थाना क्षेत्र के छत्ता गांव में बेटी की बीमारी के पीछे जादू-टोने का शक होने पर एक महिला ने अपनी ही देवरानी की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान सुखरानिया बाई के रूप में हुई है, जबकि हत्या के आरोप में उसकी जेठानी मुन्नी बाई को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला को शक था कि उसकी देवरानी जादू-टोना करती है, जिसके कारण उसकी बेटी बार-बार बीमार रहती है।
जानकारी के मुताबिक, मुन्नी बाई की बेटी अक्सर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझती रहती थी। परिवार में लंबे समय से इस बात को लेकर चिंता बनी हुई थी। इसी दौरान मुन्नी बाई को किसी ने या उसके मन में यह शक पैदा हो गया कि बेटी की बीमारी के पीछे सुखरानिया बाई का हाथ है और वह कथित रूप से जादू-टोना कर रही है।
इसी अंधविश्वास और शक ने दोनों महिलाओं के रिश्ते में कड़वाहट पैदा कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, जादू-टोने के आरोप को लेकर दोनों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था। हालांकि, किसी ने नहीं सोचा था कि यह विवाद इतनी भयावह घटना में बदल जाएगा।
बताया जा रहा है कि घटना के दिन किसी बात को लेकर दोनों महिलाओं के बीच फिर से विवाद हुआ। विवाद बढ़ने के बाद आरोपी मुन्नी बाई ने कथित रूप से सुखरानिया पर हमला कर दिया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सीधी थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच में हत्या के पीछे अंधविश्वास और पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में दोनों परिवारों के बीच पहले से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। जादू-टोने को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के कारण विवाद बढ़ता गया और आखिरकार एक महिला की जान चली गई।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था और हत्या किस परिस्थिति में हुई। इसके अलावा आरोपी महिला के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास की समस्या को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज चिकित्सा पद्धति से कराया जाना चाहिए, न कि अंधविश्वास के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई जगहों पर बीमारी और परेशानियों को जादू-टोने से जोड़कर देखा जाता है। कई बार इसी तरह के भ्रम और गलत धारणाएं गंभीर अपराधों का कारण बन जाती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। लोगों को वैज्ञानिक सोच अपनाने और किसी भी समस्या का समाधान सही तरीके से तलाशने की आवश्यकता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति पर अंधविश्वास के आधार पर आरोप न लगाएं और यदि कोई विवाद या समस्या हो तो कानून का सहारा लें।
फिलहाल शहडोल की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक महिला की मौत और दूसरी महिला की गिरफ्तारी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक अंधविश्वास के कारण निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई जारी है।





